America First या America Alone? ट्रंप ने दुनिया को दिया Double Shock!

Ajay Gupta
Ajay Gupta

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर साबित कर दिया कि उनकी पॉलिसी का सिंपल फॉर्मूला है — “फायदा नहीं? तो Goodbye!”

America First Policy को आगे बढ़ाते हुए ट्रंप ने दो बड़े और विवादित फैसले लिए हैं, जिनका असर भारत समेत पूरी दुनिया पर पड़ने वाला है।

66 International Organizations से अलग हुआ अमेरिका

व्हाइट हाउस ने X (Twitter) पर जानकारी दी कि राष्ट्रपति ट्रंप ने एक अहम ज्ञापन (Memo) पर हस्ताक्षर किए हैं, जिसके बाद अमेरिका ने 66 अंतरराष्ट्रीय संगठनों से खुद को अलग कर लिया

ब्रेकअप कुछ यूं है:

  • 35 Non-UN Organizations
  • 31 United Nations Bodies

इनमें भारत के नेतृत्व वाला International Solar Alliance (ISA) भी शामिल है — यानी Climate Diplomacy को सीधा झटका

किन Global Organizations से अमेरिका ने किनारा किया?

ट्रंप प्रशासन ने जिन संगठनों से दूरी बनाई है, वे ज्यादातर Climate Change, Human Rights, Women & Refugee Issues से जुड़े हैं।

प्रमुख नाम:

  1. IPCC
  2. UNESCO
  3. UN Human Rights Council (UNHRC)
  4. UNFPA
  5. UNRWA
  6. WHO (Planned Exit)
  7. Paris Climate Agreement (Exit Plan)

मतलब साफ है — “Global warming हो या global meeting, पहले America की wallet देखेंगे।”

भारत के लिए क्यों अहम है यह फैसला?

भारत के नेतृत्व वाले International Solar Alliance (ISA) से अमेरिका का बाहर होना:

  1. Global Climate Financing पर असर
  2. Renewable Energy Diplomacy को झटका
  3. India-led initiatives के लिए बड़ा diplomatic signal

माना जा रहा है कि इससे भारत-अमेरिका climate cooperation में ठंडक आ सकती है।

Trump का दूसरा बम: Military Budget $1.5 Trillion

इतना ही नहीं, राष्ट्रपति ट्रंप ने अमेरिका के मिलिट्री बजट को 1 ट्रिलियन डॉलर से बढ़ाकर 1.5 ट्रिलियन डॉलर करने का ऐलान भी कर दिया।

उन्होंने Truth Social पर लिखा कि “This will help us build the strongest, most dominant military the world has ever seen.”

‘Dream Military’ का सपना

ट्रंप के मुताबिक अमेरिका ऐसी सेना बनाएगा। जिसका कोई मुकाबला नहीं कर पाएगा। जिससे देश की सुरक्षा और ज्यादा मजबूत होगी

यानि Diplomacy से दूरी, Defense में दोस्ती!

Trump 2.0: अब तक लिए गए बड़े फैसले

दूसरे कार्यकाल में ट्रंप पहले ही UN को मिलने वाला US Grant घटा चुके हैं। UNHRC से दूरी बना चुके हैं। UNRWA की फंडिंग रोकी। UNESCO से बाहर निकलने की कोशिश। WHO और Paris Climate Deal से Exit Plan लागू कर चुके हैं।

ट्रंप स्टाइल में World Order

दुनिया कह रही है — “Global Cooperation जरूरी है” और ट्रंप जवाब दे रहे हैं — “Global Cooperation तभी, जब Bill America Pay न करे!”

कभी-कभी लगता है White House में Foreign Policy नहीं, Balance Sheet देखी जाती है।

Global Impact क्या होगा?

International organizations की funding कमजोर। Climate & Human Rights initiatives पर असर। Developing countries को नुकसान। US-centric world order को बढ़ावा यानि दुनिया multilateral से unilateral mode में शिफ्ट होती दिख रही है।

“नाम नहीं? UP की Draft Voter List आई, अब चेक नहीं किया तो पछताएंगे!”

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